रविवार, 11 नवंबर 2012

छत्तीसगढ़ महिमा - समापन

छत्तीसगढ़ महिमा - समापन 
मंदिर मंदिर म देवता धामी। बिनती करन कुमारग गामी ।।
बरसै किरपा तुहंर दिन रात। रहै न एकौ बिन रोटी भात।।    
'छत्तीसगढ़' के राखौ लाज। पहिरै सुग्घर राज के ताज    
लिख परेंव "महिमा हे जारी"। गुन गुन लिखना परगे भारी।।
बिनती हे दुनो हाथ जोरि के। करौं समापन मन मरोरि के।
भरे नइ ये भेजा म कांही। पाके ज्ञान इहं फेर अवाही।।
चरन छत्तिसगढ़ दाइ के, पकड़ नवावों माथ।
जम्मो हीतु पिरोतु के, चाही मोला साथ।।
जय छत्तीसगढ़ ... जय जोहार  
     
===== 

3 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बहुत बधाई ।

    शुभकामनाये पर्व-मालिका की ।

    जय गणेश देवा

    जय श्री लक्ष्मी ।।

    जय माँ सरस्वती ।।
    जय श्री राम -

    उत्तर देंहटाएं
  2. बहुत खूबसूरत प्रस्तुति,,,
    दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ,,,,
    अगर मेरा ब्लॉग अच्छा लगा हो तो फालोवर बने,,,,
    RECENT POST: दीपों का यह पर्व,,,

    उत्तर देंहटाएं